MP के किसानों को बड़ी सौगात : नमस्कार दोस्तों मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के किसानों के हित में एक और ऐतिहासिक और कल्याणकारी फैसला लिया है, सरकार ने किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए ₹3 लाख तक के अल्पावधि फसल ऋण पर शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज योजना के नियमों को पहले से कहीं अधिक सरल और लचीला बना दिया है, इस फैसले के बाद अब किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग तय होने वाली ‘ड्यू-डेट’ के चक्कर में नहीं पड़ना होगा।
सरकार के इस बड़े कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कर्ज के बोझ और साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराना है, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य के लाखों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। अब खेती-किसानी के लिए खाद, बीज और दवाओं की खरीदी करना किसानों के लिए बहुत आसान हो जाएगा क्योंकि उन्हें सरकार की तरफ से बिना किसी ब्याज के लोन की सुविधा मिलेगी।
कर्ज चुकाने के लिए मिलेगा पूरा 1 साल
जानकारी के लिए आपको बता दे की इस नई व्यवस्था में सरकार ने सालों से चली आ रही एक बड़ी व्यावहारिक समस्या को दूर कर दिया है।
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- जैसा की पहले किसानों को हर साल 31 मार्च तक या तय तारीख पर लोन चुकाना ही पड़ता था, भले ही उनकी फसल बिकी हो या न बिकी हो, लेकिन अब यह अनिवार्यता पूरी तरह खत्म कर दी गई है।
- अब किसान जिस तारीख को अपने स्वीकृत खाते से पहली बार लोन की राशि निकालेगा, उसे उस दिन से ऋण चुकाने के लिए पूरे 1 साल (12 महीने) का समय मिलेगा।
- अब खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग हिसाब रखने के बजाय एक ‘वार्षिक एकल ऋण सीमा’ लागू होगी। इससे किसानों को कागजी कार्रवाई से भी राहत मिलेगी।
समझिए कैसे मिलेगा 0% ब्याज का फायदा
यह योजना जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों से जुड़ी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसमें किसानों पर ब्याज का कोई बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने पूरा खाका तैयार किया है।
- लोन लेने वाले सभी पात्र किसानों को राज्य सरकार की तरफ से 1.25% का ब्याज अनुदान (सब्सिडी) तुरंत दिया जाएगा।
- जो किसान ईमानदारी से 12 महीने की समय-सीमा के भीतर अपना लोन चुका देंगे, उन्हें सरकार 4% की अतिरिक्त प्रोत्साहन छूट देगी।
- केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली इस संयुक्त वित्तीय मदद के बाद, समय पर पैसा लौटाने वाले किसानों के लिए ब्याज की प्रभावी दर बिलकुल शून्य (0%) हो जाएगी।
किसानों के लिए क्यों वरदान है यह योजना?
अक्सर देखा जाता है कि फसल पकने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने और मंडियों से उसका भुगतान पाने में समय लग जाता है। पुराने नियमों के कारण किसान औने-पौने दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर होते थे ताकि समय पर बैंक का कर्ज चुका सकें। लेकिन अब पूरे 12 महीने का समय मिलने से किसान अपनी फसल को सही दामों पर और सही समय पर बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।